सीसीआई ने इंडियाबुल्स रियल एस्टेट में एनएएम एस्टेट्स और एम्बेसी वन कमर्शियल प्रॉपर्टी डेवलपमेंटस के प्रस्तावित विलय को मंजूरी दी-

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भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने इंडियाबुल्स रियल एस्टेट में एनएएम एस्टेट्स और एम्बेसी वन कमर्शियल प्रॉपर्टी डेवलपमेंटस के प्रस्तावित विलय को मंजूरी दे दी है।

प्रस्तावित संयोजन में एनएएम एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड (एनएएम एस्टेट) और एम्बेसी वन कमर्शियल प्रॉपर्टी डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड (ईओसीपीडीपीएल) के इंडियाबुल्स रियल एस्टेट लिमिटेड (आईबीआरईएल) में विलय की परिकल्पना की गयी है। प्रस्तावित संयोजन अंतर-जुड़े चरणों की एक श्रृंखला के माध्यम से किया जाएगा: (i) एम्बेसी समूह की कुछ पहचानी गई संपत्ति, प्रतिभूति और/या निवेश को ईओसीपीडीपीएल इकाई(इकाइयों) में स्थानांतरित कर दिया जाएगा; (ii) कुछ तीसरे पक्ष के निवेशक,एनएएम एस्टेट और ईओसीपीडीपीएलमें शेयरधारिता के लिए एम्बेसी समूह की इन पहचानी गई संपत्तियों, प्रतिभूतियों और/या निवेश में अपनी हिस्सेदारी की अदला-बदली करेंगे; (iii) पुनर्गठित एनएएम एस्टेट और ईओसीपीडीपीएलका आईबीआरईएल में विलय होगा और आईबीआरईएल, एनएएम एस्टेट और ईओसीपीडीपीएलके सभी मौजूदा शेयरधारकों को शेयर जारी करेगी।

एनएएम एस्टेट वाणिज्यिक और आवासीय संपत्तियों और अन्य संबंधित कार्यों के साथ रियल एस्टेट विकास का व्यवसाय करती है। एनएएम एस्टेट समूह की कंपनियों के स्वामित्व में है।

ईओसीपीडीपीएलरियल एस्टेट परियोजनाओं (आवासीय और वाणिज्यिक दोनों) और अन्य संबंधी कार्यों से जुड़े निर्माण और विकास के लिए सामान्य क्षेत्र रख-रखाव सेवाएं प्रदान करने का व्यवसाय करती है। ईओसीपीडीपीएल एम्बेसी समूह की कंपनियों के स्वामित्व में है।

आईबीआरईएलभारत में सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध, रियल एस्टेट कंपनी है। भौगोलिक रूप से, कंपनी का रणनीतिक ध्यान मुंबई महानगर क्षेत्र और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख बाजारों पर है।

सीसीआई का विस्तृत आदेश जल्द ही जारी किया जायेगा।

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