लखनऊ अग्निकांड: मुख्यमंत्री योगी ने लिया संज्ञान, दोषियों पर सख्त कार्रवाई के संकेत

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अलीगढ़ के कार्यक्रम निरस्त कर लौट रहे मुख्यमंत्री, 14 मौतों की आधिकारिक पुष्टि

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक तीन मंजिला वाणिज्यिक इमारत में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा पैदा कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इमारत में संचालित कोचिंग सेंटर में मौजूद कई छात्र आग की चपेट में आ गए। जान बचाने के प्रयास में कुछ छात्रों ने ऊपरी मंजिलों से छलांग भी लगाई। हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की गई है, जबकि कई घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री अपने अलीगढ़ के सभी निर्धारित कार्यक्रम निरस्त कर लखनऊ लौट रहे हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं। डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी लगातार राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि इमारत के भीतर अभी भी धुआं भरा हुआ है, जिसके कारण राहत एवं बचाव दलों को सर्च ऑपरेशन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। फायर ब्रिगेड, पुलिस और आपदा राहत दल लगातार अभियान में जुटे हुए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भीतर कोई व्यक्ति फंसा न रह गया हो।

हादसे के बाद भवन की सुरक्षा व्यवस्थाओं और अग्निशमन मानकों को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। चर्चा है कि भवन में आपातकालीन निकास मार्गों और सुरक्षा प्रबंधों की स्थिति की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी जांच का विषय बना हुआ है कि भवन को अग्निशमन विभाग और संबंधित विकास प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) किन परिस्थितियों में जारी किया गया था।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में यदि किसी विभागीय अधिकारी, अग्निशमन विभाग, विकास प्राधिकरण अथवा अन्य संबंधित एजेंसियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जा सकती है।

घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगाई गई है। गंभीर रूप से घायल लोगों का उपचार लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर सहित विभिन्न अस्पतालों में किया जा रहा है।

प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि राहत एवं बचाव कार्य पूरा होने के बाद घटना के कारणों, सुरक्षा मानकों के पालन तथा प्रशासनिक जिम्मेदारियों की विस्तृत जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड दिलाया जाए।

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