Trump ने पत्नी संग White House में जलाया दीवाली का दीया, लोगों को दी प्रकाश पर्व की बधाई

अपने संदेश में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है, “संयुक्त राज्य अमेरिका एक विश्वसनीय राष्ट्र है, और मुझे अपने प्रशासन के काम पर गर्व है जो सभी अमेरिकियों के संवैधानिक अधिकार का बचाव करने और उन्हें अपने विवेक के अनुसार जीने और पूजा करने में उनकी रक्षा करता है.

वाशिंगटन : American President Donald Trump अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में शनिवार (स्थानीय समयानुसार) को Dipawali का दीपक जलाया और इस मौके पर लोगों को प्रकाश पर्व की बधाई दी. व्हाइट हाउस से जारी एक बयान में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है, “द फर्स्ट लेडी और मैं इस सप्ताह दीपावली मनाने वाले सभी लोगों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूं. प्रकाशोत्सव के इस महापर्व में  मित्र, पड़ोसी, और प्रियजन शामिल होते हैं जो बुराई पर अच्छाई की आध्यात्मिक विजय, अंधकार पर प्रकाश और अज्ञानता पर ज्ञान की विजय का सूचक है. इस पर्व में घरों, कार्यस्थलों, समुदायिक स्थल और पूजा स्थलों पर दीए जलाए जाते हैं. इस पर्व की गर्माहट हमें उस आशा और भक्ति की याद दिलाती है जो विश्वास और परंपरा हमारे जीवन की डोर है.”

अपने संदेश में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है, “संयुक्त राज्य अमेरिका एक विश्वसनीय राष्ट्र है, और मुझे अपने प्रशासन के काम पर गर्व है जो सभी अमेरिकियों के संवैधानिक अधिकार का बचाव करने और उन्हें अपने विवेक के अनुसार जीने और पूजा करने में उनकी रक्षा करता है. जहां भी अमेरिकी दीवाली मनाने के लिए दीया जला रहे हैं, हमारा राष्ट्र सभी लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता के एक प्रतीक के रूप में उज्ज्वल चमक रहा है.”

ALSO READ -  करवा चौथ व्रत

उन्होंने कहा, इस वर्ष, “हम विशेष रूप से अपने दोस्तों और परिवार को साथ देने के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं. फर्स्ट लेडी और मैं संयुक्त राज्य अमेरिका और दुनिया भर में लाखों लोगों की खुशहाली के लिए कामना करते हैं, उन्हें खुशहाल त्योहार की बधाई देते हैं और एक नई शुरुआत की कामना करते हैं.”

बता दें कि हिन्दू धर्म के अनुसार ऐसी मान्यता है कि इस दिन भागवान श्रीराम (भगवान विष्णु के सातवें रूप) 14 वर्ष की वनवास पूरी कर और रावण को युद्ध में परास्त कर अयोध्या लौटे थे. उनके स्वागत में पूरी अयोध्या में दीप जलाए गए थे. मान्यता है कि तभी से पूरे देशभर में कार्तिक अमावस्या के दिन लोग दीवाली मनाते हैं. और इसे “असत्य पर सत्य की जीत”, अज्ञान पर ज्ञान की जीत आदि का प्रतीक मानते हैं. 

You May Also Like