अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: किसानों को मिली महिला शक्ति की ताकत, आज टिकरी बॉर्डर पर केसरिया चुन्नी में उतरेंगीं महिलाएं 

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ND: आज पूरा देश अहम् दिन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा है इस मौके पर  महिलाओं के लिए जहाँ सम्मानित और सुरक्षित माहौल है वहीँ आज महिलाओं की शक्ति और एकता आज किसानों के आंदोलन में भी नज़र आने वाली है। इसी कड़ी में किसान आंदोलन कई उतार चढ़ावों से गुज़रा है।लेकिन टीकरी बॉर्डर पर भारतीय किसान एकता (उगराहां) लगातार समान ताकत से किसानों के मोर्चे पर अड़ा रहा। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इस मोर्चे के साथ हमेशा सर्वाधिक महिलाएं खड़ी रहीं। भारतीय किसान एकता उगराहां महिला मोर्चा की अध्यक्ष हरिंदर कौर बिंदू ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर अकेले टीकरी बॉर्डर पर ही बसंती चोले में लिपटी लगभग 50 हजार महिलाएं नजर आएंगी।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाएं अपने अधिकारों की मांग करेंगी। देश में महिलाओं पर अब तक हुए और लगातार हो रहे अत्याचारों पर बात करेंगी। संघर्ष के रास्ते पर चलकर अभी तक महिलाओं ने क्या पाया और क्या खोया है, यहां उस पर भी चर्चा होगी। 

इतना ही नहीं बल्कि महिला शक्ति की ये मिसाल होने जा रहा मुद्दा और भी शक्ति से भरपूर करने के लिए महिला किसानों को समर्पित एक विशेष गीत ‘माए रंग दे बसंती चुन्नियां’ तैयार किया गया है। किसान सरबजोत सिंह ने इस गीत के बोल लिखे हैं। रागेश्री और स्मृधि शर्मा की युगल जोड़ी ने इसे अपनी आवाज दी है।

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