संविधान के प्रथम संशोधन के 75 वर्ष पश्चात् – वर्तमान परिदृश्य में उसकी उपयोगिता”
लखनऊ/नैनीताल भारतीय संविधान के प्रथम संशोधन के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में अधिवक्ता परिषद उत्तर प्रदेश–उत्तराखंड द्वारा एक ऑनलाइन व्याख्यान श्रृंखला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम परिषद के आधिकारिक फेसबुक पेज, यूट्यूब चैनल एवं एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से लाइव प्रसारित किया गया।
कार्यक्रम का विषय “संविधान के प्रथम संशोधन के 75 वर्ष पश्चात् – वर्तमान परिदृश्य में उसकी उपयोगिता” रहा, जिस पर विस्तृत एवं सारगर्भित चर्चा की गई।
व्याख्यान के मुख्य वक्ता इलाहाबाद उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति श्री अनीश कुमार गुप्ता रहे। उन्होंने संविधान के प्रथम संशोधन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों के साथ उसके संबंध तथा वर्तमान सामाजिक एवं राजनीतिक परिदृश्य में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उनके व्याख्यान को प्रतिभागियों द्वारा अत्यंत सराहा गया।
कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता परिषद उच्च न्यायालय इकाई उत्तराखंड के महामंत्री श्री अनिल कुमार जोशी ने किया। इस ऑनलाइन कार्यक्रम में अधिवक्ता परिषद उत्तराखंड (देवभूमि), अधिवक्ता परिषद ब्रज, अधिवक्ता परिषद अवध एवं अधिवक्ता परिषद काशी के पदाधिकारियों, वरिष्ठ एवं युवा अधिवक्ताओं, विधि छात्रों तथा न्यायिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
व्याख्यान के उपरांत प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों का माननीय मुख्य वक्ता ने विस्तारपूर्वक एवं संतोषजनक उत्तर दिया। कार्यक्रम न केवल अकादमिक दृष्टि से सफल रहा, बल्कि तकनीकी रूप से भी उच्च गुणवत्ता के साथ संपन्न हुआ।
अधिवक्ता परिषद उत्तर प्रदेश–उत्तराखंड ने बताया कि संविधान, न्याय व्यवस्था एवं विधिक विषयों पर सतत संवाद को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार की ऑनलाइन व्याख्यान श्रृंखलाओं का आयोजन किया जाता रहेगा।
