भारत में अशांति फैलाने की मंशा NIA ने 16 सिखों के ऊपर की कारवाही-

NIA अधिकारी ने कहा कि 16 नामजद आरोपी सिख फॉर जस्टिस (SJF) के सदस्य हैं, जिसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत ‘गैरकानूनी संगठन’ के रूप में घोषित किया गया है-

ND : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार को रेफरेंडम 2020 (सिख फॉर जस्टिस) के बैनर तले एक सोची-समझी साजिश के तहत अलगाववादी अभियान शुरू करने के आरोप में 16 विदेशी व्यक्तियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है. NIA ने खालिस्तान के निर्माण के लिए एक अलगाववादी साजिश की अपनी जांच के सिलसिले में यह चार्जशीट दायर की है.

NIA के एक प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी ने जिन लोगों के नाम चार्जशीट में शामिल किए हैं, उनमें न्यूयॉर्क स्थित गुरपतवंत सिंह पन्नू, हरदीप सिंह निज्जर, परमजीत सिंह उर्फ पम्मा, अवतार सिंह पन्नू, गुरप्रीत सिंह बागी, हरप्रीत सिंह, सरबजीत सिंह, अमरदीप सिंह पुरेवाल, जे. एस. धालीवाल, दुपिंदरजीत सिंह, कुलवंत सिंह, हरजाप सिंह, सरबजीत सिंह, जतिंदर सिंह ग्रेवाल, कुलवंत सिंह मोताथा और हिम्मत सिंह का नाम शामिल है.

SFJ की भारत में अशांति फैलाने की मंशा

ये सभी खालिस्तानी आरोपी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन में बैठकर भारत के खिलाफ साजिश रच रहे हैं. अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान यह पता चला कि सिख फॉर जस्टिस ने ह्यूमन राइट्स एडवोकेसी ग्रुप की आड़ में अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया आदि जैसे विभिन्न बाहरी देशों में अपने कार्यालयों को स्थापित किया है.

सिख फॉर जस्टिस को पाकिस्तान से समर्थन मिल रहा है और इसकी मंशा भारत में अशांति फैलाकर इसके टुकड़े करने की कोशिश की है. असल में ये पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानियों की साजिश का एक बड़ा हिस्सा है. बता दें कि सिख फॉर जस्टिस सोशल मीडिया, फोन कॉल, फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब, वेबसाइट के जरिये प्रोपेगैंडा फैलाने में लगा हुआ है. अधिकारी ने कहा कि ये लोग शांति और सद्भाव में खलल डालना और आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने के काम में लिप्त हैं.

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SFJ कश्मीर में अलगाव की कोशिश कर रहा है

NIA अधिकारी ने आगे कहा कि SFJ भारत के खिलाफ विद्रोह फैलाने के लिए भारतीय सेना में सिख कर्मियों को उकसाकर भारत की सुरक्षा को कम करने का प्रयास कर रहा है. अधिकारी ने कहा, “SFJ कश्मीर के युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और खुले तौर पर भारत से कश्मीर के अलगाव के लिए समर्थन देने की कोशिश कर रहा है.”

अधिकारी ने कहा, “NIA और अन्य एजेंसियों द्वारा उपलब्ध कराए गए डोजियर के आधार पर, SFJ के मुख्य संरक्षक गुरपतवंत सिंह पन्नू, हरदीप सिंह निज्जर और परमजीत सिंह को पहले ही UAPA अधिनियम के तहत ‘आतंकवादी’ के रूप में नामित किया जा चुका है.” जांच के दौरान NIA ने पंजाब के अमृतसर में आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू और पंजाब के जालंधर में आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की अचल संपत्तियों की पहचान की है.

अधिकारी ने कहा कि NIA के अनुरोध पर गृह मंत्रालय ने UAPA के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया है.

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