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नई दिल्ली: ब्लड प्रेशर मॉनिटर, कार्डियक स्टेंट, कूल्हे और घुटने के प्रत्यारोपण और अन्य चिकित्सा उपकरणों के निर्माताओं को जल्द ही 25 दिनों की तेजी से नियामक मंजूरी मिल सकती है, केंद्र ने मौजूदा गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रदर्शन मानकों को बनाए रखते हुए लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए बदलाव का प्रस्ताव दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चिकित्सा उपकरण नियम, 2017 में संशोधन का मसौदा जारी किया है, जिसमें विनिर्माण लाइसेंस अनुमोदन समयसीमा को छोटा करने और नियामक जांच के हर चरण के लिए निश्चित समयसीमा निर्धारित करने का प्रस्ताव है। मसौदा अधिसूचना हितधारकों की टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक डोमेन में रखी गई है। प्रस्ताव के तहत, ब्लड प्रेशर मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर और हाइपोडर्मिक सुई सहित क्लास बी चिकित्सा उपकरणों के लिए विनिर्माण लाइसेंस देने में लगने वाला समय 140 दिन से घटाकर 115 दिन कर दिया जाएगा। कार्डियक स्टेंट, कूल्हे और घुटने के प्रत्यारोपण और अन्य आर्थोपेडिक प्रत्यारोपण सहित क्लास सी और क्लास डी चिकित्सा उपकरणों के लिए, अनुमोदन की समयसीमा 105 दिनों से घटाकर 90 दिन कर दी जाएगी।
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