सुप्रीम कोर्ट कलेजियम ने सात अतिरिक्त न्यायाधीश को स्थायी करने की सिफारिश, कलकत्ता हाई कोर्ट के पांच जज शामिल

Estimated read time 1 min read

सुप्रीम कोर्ट कलेजियम Supreme Court Collegium ने गुरुवार को कलकत्ता हाई कोर्ट के पांच अतिरिक्त न्यायाधीशों, झारखंड हाई कोर्ट के एक अतिरिक्त न्यायाधीश और केरल हाई कोर्ट की एक अतिरिक्त न्यायाधीश को स्थायी जज के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की।

प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट कलेजियम ने यह सिफारिश की। कलेजियम ने एक बयान में कहा कि जस्टिस शंपा दत्त (पाल) और राजा बसु चौधरी को कलकत्ता हाई कोर्ट के स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की गई है। इसने जस्टिस लपिता बनर्जी की उसी अदालत में स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की सिफारिश की है।

एक अन्य बयान में कलेजियम ने कहा कि जस्टिस अनन्या बंद्योपाध्याय और जस्टिस राय चट्टोपाध्याय को कलकत्ता हाई कोर्ट का स्थायी जज नियुक्त किया जाएगा। जस्टिस शुभेंदु सामंत को एक वर्ष की नई अवधि के लिए अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट कलेजियम ने जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव को झारखंड हाई कोर्ट का स्थायी जज बनाने की सिफारिश की है। इसके अलावा जस्टिस शोबा अन्नम्मा ईपेन को केरल हाई कोर्ट की स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की सिफारिश की गई है।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश प्रसन्ना बी वराले को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की है। कॉलेजियम ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पी एस दिनेश कुमार को अपना नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की भी सिफारिश की है। जस्टिस वर्ले उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संयुक्त अखिल भारतीय वरिष्ठता में छठे नंबर पर हैं। उनका मूल उच्च न्यायालय बॉम्बे उच्च न्यायालय है। कॉलेजियम के दो जज, सीजेआई और जस्टिस गवई भी बॉम्बे हाई कोर्ट से हैं। कॉलेजियम में न्यायालय के पांच वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल हैं।

ALSO READ -  जज रिश्वत कांड: निलंबित न्यायाधीश सुधीर परमार ने रिश्तेदारों के नाम पर 5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति की अर्जित

“भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले वर्ष लगभग चौंतीस न्यायाधीशों की पूरी क्षमता के साथ काम किया है और इसलिए, कैलेंडर वर्ष 2023 में 52191 मामलों का निपटारा करके निपटान की अभूतपूर्व दर दर्ज करने का गौरव प्राप्त किया जा सकता है।

You May Also Like