Love jihad पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी और उत्तराखंड सरकार से माँगा जवाब

Estimated read time 1 min read

आपको बतादें की लव जिहाद का मामला इन दिनों देश में काफी सरगर्मी पकड़ा हुआ है। इसी कड़ी में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड ने अंतरधार्मिक विवाह के नाम पर धर्मांतरण को रोकने के लिए लाए गए विवादास्पद कानूनों की समीक्षा करने पर अपनी राजी जताई है।  हालांकि कोर्ट अंतर धार्मिक विवाह के नाम पर धर्मांतरण को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में लागू कानूनों के विवादास्पद प्रावधानों पर रोक लगाने से इनकार कर रहा है। 

खबर ये भी है कि याचिकाकर्ता ने उत्तर प्रदेश में हाल ही में बने लव जिहाद कानून की वैधता को चुनौती देने का काम किया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकार को नोटिस जारी करते हुए 4 हफ्ते में जवाब मांगा है.

 ‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल वैसी शादी के लिए किया जाता है, जिसमें कोई मुस्लिम पुरुष धर्मांतरण के इरादे से किसी महिला से शादी कर लेता है. इसे साथ ही वह उसका धर्म परिवर्तन कराने का काम करता है. साल 2009 में केरल और कर्नाटक के क्रमशः कैथोलिक और हिंदू समूहों ने आरोप लगाया था कि उनके समुदाय की महिलाओं का जबरन इस्लाम में धर्मांतरण कराने का काम कुछ लोग कर रहे है।  

ALSO READ -  हिन्द महासागर में ​इंडो-थाई कॉर्पेट शुरू, मजबूत होंगे भारत और थाईलैंड के सम्बन्ध

You May Also Like

+ There are no comments

Add yours