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अपनी मां का भरण-पोषण करना हर बेटे का नैतिक और कानूनी दायित्व, पर जोर देते हुए वरिष्ठ नागरिक की अपने ‘बेटे और बहू’ को बेदखल करने की याचिका स्वीकार की : HC

दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए बच्चों की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए एक वरिष्ठ नागरिक की अपने बेटे और [more…]

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जिस वादी में परिश्रम की कमी है, वह संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय के असाधारण क्षेत्राधिकार का उपयोग नहीं कर सकता : SC

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि जिस मुकदमेबाज में परिश्रम की कमी है, वह संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय के असाधारण क्षेत्राधिकार का [more…]

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अनुच्छेद 226(2): जो तथ्य प्रार्थना के अनुदान के लिए प्रासंगिक नहीं हैं वे न्यायालय को अधिकारिता प्रदान करने वाली कार्रवाई के कारण को जन्म नहीं देंगे- सुप्रीम कोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद 226(2) के संबंध में मार्गदर्शक परीक्षणों की व्याख्या करते हुए कहा है कि जो तथ्य प्रार्थना के अनुदान के [more…]

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शीर्ष अदालत ने चुनौती के आधार पर अपना दिमाग लगाए बिना रिट याचिका का निपटारा करने के लिए हाईकोर्ट की कार्यवाही की आलोचना की-

सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने उड़ीसा हाईकोर्ट Orissa High Court के आदेश का विरोध करने वाली एक विशेष अनुमति याचिका पर विचार करते हुए हाल [more…]

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा प्रत्यावेदन देने से परिसीमा अवधि नहीं बढ़ती-

Supreme Court शीर्ष अदालत ने कहा कि केवल अधिकारियों के पास एक प्रत्यावेदन दाखिल करने से परिसीमा अवधि नहीं बढ़ जाती है। न्यायमूर्ति एमआर शाह [more…]

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सुप्रीम कोर्ट: उपभोक्ता आयोग में सुनी जा रहीं शिकायतें, भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायलय में स्थानांतरित नहीं हो सकती-

Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उपभोक्ता शिकायतें हाईकोर्ट में स्थानांतरित नहीं की जा सकतीं। न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यम की खंडपीठ [more…]

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सुप्रीम कोर्ट: हाईकोर्ट Article 226 के तहत बैंक को कर्जदार को OTS देने का निर्देश देने वाला आदेश नहीं कर सकता पारित-

Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि हाई कोर्ट संविधान के अनुच्छेद 226 Article 226 of Indian Constitution के तहत किसी वित्तीय संस्थान/बैंक [more…]

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इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा की Article 226 के तहत उपचार तभी है जब चुनौती दी गई कार्रवाई सार्वजनिक कानून के दायरे में आए-

Allahabad High Court : उच्च न्यायालय ने हाल ही में कहा है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत सार्वजनिक कर्तव्य या कार्य का [more…]