Legal News: सुप्रीम कोर्ट के जीएसटी फैसले से गेमिंग कंपनियों को झटका-28% जीएसटी की मंजूरी


पोस्ट दृश्य: 65

सुप्रीम कोर्ट के जीएसटी फैसले से गेमिंग कंपनी को झटका, डेल्टा कॉर्प की हिस्सेदारी 16% गिरी

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग सोसायटी पर 28% जीएसटी की गारंटी का आरोप लगाया। फैसले के बाद डेल्टा कॉर्प सहित कई जीएम सोसायटी के स्टॉक में भारी गिरावट दर्ज की गई।

ऑनलाइन गेमिंग ऑफिस को बड़ा झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 28 फीसदी जीएसटी पर फैसला सुनाया है। कोर्ट ने यह भी माना कि गेमिंग सोसायटी पर लगाए गए 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के टैक्स कानूनी रूप से वैध हैं।

न्यायालय सर्वोच्च इस फैसले के तुरंत बाद शुक्रवार को गेमिंग सेक्टर के स्टॉक में भारी मात्रा में बिकवाली देखने को मिली। सबसे ज्यादा असर डेल्टा कॉर्प लिमिटेड के स्टॉक पर पड़ा, जिसमें शुरुआती कारोबार के दौरान 16 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म को केवल “मध्यस्थ” (मध्यस्थ) नहीं माना जा सकता। कोर्ट का मानना ​​है कि इस तरह के सिद्धांत जीएसटी कानून के तहत “कार्रवाई योग्य दावों” की श्रेणी में आते हैं।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन गेमिंग पर 28% जीएसटी लगाना संवैधानिक रूप से वैध है और इसे पूर्व प्रभाव (पूर्वव्यापी प्रभाव) से भी लागू किया जा सकता है।

यह फैसला उन टेलीकॉम कंपनियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, जो लंबे समय से इस टैक्स व्यवस्था को चुनौती दे रही हैं।

1 करोड़ रुपये से ज्यादा का टैक्स विवाद

केस ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर भारी पड़ गया जी.एस.टी से देखा था. केंद्र सरकार ने विभिन्न गेमिंग और कैसीनो कंपनियों को कुल मिलाकर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के टैक्स नोटिस जारी किए।

कंपनी का तर्क था कि जीएसटी प्लेटफॉर्म पर केवल शुल्क या कमीशन निर्धारित किया जाना चाहिए, जबकि सरकार पूरे दांव (शर्त मूल्य) पर कर निर्धारण का पक्षधर थी।

अब सर्वोच्च न्यायालय के फैसले ने सरकार के रुख को सही ठहराया है।

अन्य गेमिंग कॉलेज के शेयर भी टूटे

सिर्फ डेल्टा कॉर्प ही नहीं, बल्कि कई अन्य कंपनी के शेयरों में भी गिरावट का आकलन किया गया है।

Nazara Technologies के शेयर में भी करीब 1.52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और इसका कारोबार 285.10 रुपये के आसपास रहा।

इसके अलावा ऑनमोबाइल ग्लोबल के स्टॉक में भी कमजोरी देखी गई।

डेल्टा कॉर्प के शरद ऋतु तिमाही नतीजे

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से पहले ही डेल्टा कॉर्प अपने वित्तीय वित्तीय लाभ को लेकर दबाव में थी।

कंपनी ने मार्च 2025 तिमाही में विनाशकारी प्रदर्शन दर्ज किया। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी का समग्र शुद्ध लाभ (समेकित शुद्ध लाभ) लगभग 90 प्रतिशत प्रतिशत केवल 16.45 करोड़ रुपये रहा।

कंपनी की व्यावसायिक आय (संचालन से राजस्व) 11.72 प्रतिशत हिस्सेदारी 161.25 करोड़ रुपये रही। साथ ही कंपनी को 5.51 करोड़ रुपए का घाटा भी दर्ज हुआ।

किशोरी की चिंता क्यों बढ़ी?

विशेषज्ञ का मानना ​​है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री के बिजनेस मॉडल पर बड़ा असर डाल सकता है।

यदि कंपनियों को पूर्ण शर्त मूल्य पर 28% जीएसटी शामिल है, तो इससे उनका व्यावसायिक खर्च और कानूनी देनदारी काफी बढ़ जाएगी। यह प्रभावशाली मुनादी और फ्रेंचाइजी दोनों पर लागू हो सकता है।

गेमिंग इंडस्ट्री के लिए बड़ा कानूनी बदलाव

यह निर्णय भारत के तेजी से बढ़ते ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी और बुनियादी बदलाव माना जा रहा है।

अब निगमों को केवल भारी टैक्स स्टैम्पियों का सामना करना पड़ सकता है, बल्कि उनके बड़े पैमाने पर टैक्स स्टैम्पियों में भी बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।

टैग:
#सुप्रीमकोर्ट #जीएसटी #ऑनलाइनगेमिंग #डेल्टाकॉर्प #नाजाराटेक्नोलॉजीज #गेमिंगस्टॉक्स #कैसीनोइंडस्ट्री #स्टॉकमार्केट #लीगलन्यूज #सुप्रीमकोर्ट #जीएसटी #ऑनलाइनगेमिंग #डेल्टाकॉर्प #शेयरबाजार #कानूनी खोज #गेमिंगइंडस्ट्री



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *