हरिद्वार में ‘हरित हरिद्वार योजना’ की शुरुआत

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देहरादून : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने गंगा दशहरा के पर्व पर रविवार को ‘हरित हरिद्वार योजना’ की शुरुआत की जिसके तहत गंगा नदी के आस-पास के क्षेत्रों को हरा-भरा बनाया जाएगा।

हरिद्वार में अखिल भारतीय गायत्री परिवार शांतिकुंज के स्वर्ण जयंती कार्यक्रम के दौरान शुरू की गयी इस योजना के तहत हरकी पैडी से प्रथम चरण में 100 भवनों की छतों को हरा-भरा करने के लिए रूफ टॉप गार्डनिंग (छत पर बागवानी) की शुरूआत की गई।

इस मौके पर मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि शांतिकुंज पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी की तपस्थली है जिनका सनातन संस्कृति को विस्तार देने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार का सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्थान में अहम योगदान रहा है तथा देश-विदेश में फैले करोड़ों गायत्री साधकों के माध्यम से सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की ध्वज को उसने पूरे विश्व में फहराया है।

देश के लगभग 10 लाख लोगों तक पवित्र गंगाजल पहुंचाने के ‘आपके द्वार पहुंचा हरिद्वार’ और ‘घर-घर यज्ञ, घर-घर संस्कार, घर-घर गंगा तथा घर-घर हरिद्वार’ जैसे शांतिकुंज के विभिन्न अभियानों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि गंगा की स्वच्छता और निर्मलता के अलावा शांतिकुंज संस्था विपदाओं के अवसर पर भी लोगों की हर संभव सहायता करती है।

कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने इस मौके पर शांतिकुंज का स्मारक डाक टिकट का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि पं श्रीराम आचार्य जी के जीवन का सार यही है कि आध्यात्म और विज्ञान के बीच एक सेतु बनना चाहिए।

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने लोगों में आध्यात्मिक चेतना जगाई और भारत का अभीष्ट सिर्फ राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक चेतना का विकास भी है। उन्होंने कहा कि आज गायत्री परिवार के पांच हजार से अधिक केंद्र नव चेतना का जागरण कर रहे हैं।

इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक और देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पंड्या उपस्थित थे।(भाषा)

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