सेना के तीनों अंगों के सैन्य कमांडरों का प्रमुख सम्मेलन सम्मेलन (CCC) केवड़िया,गुजरात में-

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तीसरे और अंतिम दिन समापन सत्र की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, NSA अजीत डोभाल भी रहेंगे उपस्थित –

सेना के तीनों अंगों के सैन्य कमांडरों का प्रमुख सम्मेलन सम्मेलन (सीसीसी) 04 मार्च 2021 को गुजरात के केवड़िया में शुरू हो गया है। सम्मेलन में देश के संयुक्त शीर्ष स्तर का सैन्य नेतृत्व सशस्त्र बलों की सुरक्षा स्थिति और रक्षा तैयारियों की समीक्षा कर रहा है एवं  04 से 06 मार्च तक तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान भविष्य के लिए संयुक्त

सैन्य दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रासंगिक संगठनात्मक मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहा है। सम्मेलन के दूसरे दिन रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह विचार-विमर्श के लिए रक्षा मंत्रालय के सचिव स्तर के अधिकारियों के दल के साथ सैन्य कमांडरों के सम्मेलन में शामिल होंगे। तीसरे और अंतिम दिन समापन सत्र की अध्यक्षता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी करेंगे, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल भी उपस्थित रहेंगे।

पूर्व की तुलना में इस वर्ष सम्मेलन एक बड़ा बदलाव हो रहा है। इस साल सम्मेलन के दायरे का विस्तार किया गया है। इससे तीनों सेनाओं से लगभग 30 अधिकारियों और विभिन्न रैंकों के सैनिकों की बहुस्तरीय, इंटरैक्टिव, अनौपचारिक और सूचित भागीदारी हो रही है। मुख्य रुप से सशस्त्र बलों के लिए प्रासंगिक मुद्दों और राष्ट्र निर्माण में इनकी भूमिका पर चर्चा और विचार-विमर्श की श्रृंखला को समाहित किया गया है साथ ही सैन्य कर्मियों की बहुस्तरीय भागीदारी के अलावा वरिष्ठतम राजनीतिक और नौकरशाही से जुड़े अधिकारियों की भागीदारी शामिल है।

यह ध्यान रखना दिलचस्प है कि 2014 में सीसीसी का आयोजन दिल्ली में किया गया था। तब से इसका आयोजन देश भर में विभिन्न स्थानों पर किया गया है। 2015 में यह सम्मेलन आईएनएस विक्रमादित्य और 2017 में देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में आयोजित किया गया था। सीसीसी का अंतिम संस्करण 2018 में वायु सेना स्टेशन, जोधपुर में दो दिनों की अवधि में आयोजित किया गया था।

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देश के उच्च रक्षा तंत्र में अनेक प्रमुख घटनाक्रम हुए हैं जिनमें पहली बार रक्षा प्रमुख की नियुक्ति और सैन्य मामलों के विभाग (डीएमए) की स्थापना शामिल है और सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और परिवर्तन को प्रभावित करने वाले अनेक महत्वपूर्ण और विविध मुद्दे वर्तमान में सक्रिय रूप से विचार/ कार्यान्वयन के अधीन हैं।

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